उत्तराखंड के रेल नेटवर्क को मजबूत करने की दिशा में एक और बड़ी पहल सामने आई है। रामनगर से देहरादून के बीच नई रेलगाड़ी के परिचालन को मंजूरी मिल गई है। यह फैसला न सिर्फ कुमाऊं और गढ़वाल के बीच कनेक्टिविटी को बेहतर बनाएगा, बल्कि हजारों यात्रियों के लिए राहत और सुविधा का नया अध्याय भी खोलेगा।
रामनगर से देहरादून के बीच नई रेलगाड़ी के परिचालन को मंजूरी
सांसद अनिल बलूनी ने इस महत्वपूर्ण उपलब्धि की जानकारी अपने सोशल मीडिया अकाउंट के माध्यम से साझा की। उन्होंने रेल मंत्रालय द्वारा भेजे गए आधिकारिक पत्र को पोस्ट करते हुए रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का आभार व्यक्त किया। बलूनी ने लिखा कि उत्तराखंड के लिए रेल सुविधाओं के विस्तार को लेकर उनके द्वारा लगातार किए जा रहे प्रयासों को केंद्र सरकार का पूरा समर्थन मिला है और इसी का परिणाम है कि राज्य को लगातार नई रेल सेवाओं और स्टॉपेज की सौगात मिल रही है।
सांसद बलूनी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि मौजूदा कार्यकाल में उत्तराखंड को कई ऐतिहासिक उपलब्धियां मिली हैं। रेल सेवाओं के विस्तार ने राज्य के दूरस्थ क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इससे पहले काठगोदाम से देहरादून के बीच ‘नैनी दून एक्सप्रेस’, कोटद्वार से नई दिल्ली के लिए सीधी रेल सेवा और देहरादून से लखनऊ के लिए ‘वंदे भारत एक्सप्रेस’ जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाएं शुरू की जा चुकी हैं।
रामनगर-देहरादून रेल सेवा को इसी श्रृंखला की एक और अहम कड़ी माना जा रहा है। इस नई ट्रेन के शुरू होने से रामनगर और आसपास के इलाकों के लोगों को देहरादून पहुंचने में काफी सहूलियत मिलेगी। अभी तक यात्रियों को लंबा और समय लेने वाला सफर करना पड़ता था, जिसमें कई बार ट्रेन बदलनी पड़ती थी या सड़क मार्ग का सहारा लेना पड़ता था। नई सेवा से यात्रा न सिर्फ आसान होगी, बल्कि समय और खर्च दोनों में भी कमी आएगी।
यह रेल सेवा पर्यटन के लिहाज से भी बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। रामनगर, जो कि विश्व प्रसिद्ध जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क का प्रवेश द्वार है, वहां हर साल बड़ी संख्या में देश-विदेश से पर्यटक पहुंचते हैं। वहीं देहरादून राज्य की राजधानी होने के साथ-साथ शिक्षा, स्वास्थ्य और प्रशासनिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र है। दोनों शहरों के बीच सीधी रेल कनेक्टिविटी पर्यटन, व्यापार और सामाजिक गतिविधियों को नई गति देगी।
रामनगर से देहरादून के बीच आवागमन में होगी सुविधा
स्थानीय लोगों के लिए यह सेवा किसी वरदान से कम नहीं होगी। लंबे समय से क्षेत्र के लोग इस मांग को उठा रहे थे कि रामनगर और देहरादून के बीच सीधी ट्रेन चलाई जाए। इससे छात्रों, नौकरीपेशा लोगों, व्यापारियों और पर्यटकों को काफी राहत मिलेगी। खासतौर पर उन लोगों को, जिन्हें नियमित रूप से इन दोनों शहरों के बीच यात्रा करनी पड़ती है।
सांसद बलूनी ने जनवरी महीने में लिखा था रेेल मंत्री को पत्र
सांसद अनिल बलूनी ने बताया कि इसके लिए उन्होंने लगातार प्रयास किए। उन्होंने जनवरी महीने में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखकर इस मांग को प्रमुखता से उठाया था। इसके बाद उन्होंने व्यक्तिगत रूप से मुलाकात कर भी इस विषय पर चर्चा की और क्षेत्र की जरूरतों से अवगत कराया। आखिरकार उनके इन प्रयासों को सफलता मिली और रेल मंत्रालय ने इस नई सेवा को मंजूरी दे दी।
कुल मिलाकर, रामनगर-देहरादून रेल सेवा उत्तराखंड के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, जो न सिर्फ यात्रियों की सहूलियत बढ़ाएगी बल्कि राज्य के विकास को भी नई दिशा देगी। यह पहल दिखाती है कि कैसे केंद्र और राज्य के समन्वय से जनता की लंबे समय से चली आ रही मांगों को पूरा किया जा सकता है।
