
शारदीय नवरात्रि की महानवमी के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने शासकीय आवास पर विधि-विधान से हवन एवं पूजा-अर्चना की। इस अवसर पर उन्होंने मां दुर्गा के नौ स्वरूपों के प्रतीक के रूप में नौ कन्याओं का पूजन किया और उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। धार्मिक परंपराओं के अनुरूप आयोजित इस पूजा में मुख्यमंत्री ने मां भगवती से उत्तराखण्ड की उन्नति और प्रदेशवासियों के सुख, शांति, समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की।
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को महानवमी की शुभकामनाएं देते हुए नवरात्रि के आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि नवरात्रि का पर्व मातृशक्ति की आराधना और भारत की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं का प्रतीक है। कन्या पूजन के माध्यम से समाज में नारी शक्ति के प्रति श्रद्धा, सम्मान और आदर का संदेश मिलता है। महानवमी पर मां दुर्गा की पूजा-अर्चना के साथ भक्त नौ दिनों की साधना और आराधना के प्रति अपनी आस्था व्यक्त करते हैं। उत्तराखण्ड में भी नवरात्रि का पर्व श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाता है। मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठानों के माध्यम से श्रद्धालु मां भगवती का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। मुख्यमंत्री ने प्रदेश की सुख-समृद्धि और सभी नागरिकों के जीवन में खुशहाली की कामना करते हुए इस पर्व के आध्यात्मिक संदेश को महत्वपूर्ण बताया।
मातृशक्ति की आराधना और भारतीय संस्कृति का प्रतीक है नवरात्रि
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि नवरात्रि हमारी समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं और मातृशक्ति के प्रति श्रद्धा का प्रतीक है। महानवमी के अवसर पर कन्या पूजन की परंपरा विशेष महत्व रखती है, जिसमें कन्याओं को देवी के स्वरूप के रूप में सम्मान दिया जाता है। यह परंपरा समाज को बेटियों के सम्मान और नारी शक्ति के महत्व का संदेश देती है। धार्मिक आयोजनों के साथ नवरात्रि का पर्व परिवारों और समुदायों को आस्था, सेवा और सद्भाव से जोड़ता है। मां दुर्गा की आराधना के इस पावन अवसर पर प्रदेशवासियों ने सुख, शांति और समृद्धि की कामना के साथ पर्व मनाया।
