
देहरादून स्थित पुलिस लाइन में पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पुलिस एवं अर्द्धसैनिक बलों के शहीद जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की और शहीद पुलिसकर्मियों के परिजनों को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की आंतरिक सुरक्षा बनाए रखने में पुलिस और अर्द्धसैनिक बलों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। इन बलों के जवान कठिन परिस्थितियों में भी अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए देश की सुरक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान देते हैं। उन्होंने बताया कि पिछले एक वर्ष में देशभर में 154 जवानों ने कर्तव्य पालन के दौरान अपने प्राण न्योछावर किए, जिनमें उत्तराखंड पुलिस के उपनिरीक्षक विनोद कुमार भी शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि शहीद जवान पूरे देश का गौरव हैं और उनका त्याग आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्रसेवा की प्रेरणा देता रहेगा।
उन्होंने राष्ट्रीय पुलिस स्मारक का उल्लेख करते हुए कहा कि यह वीर जवानों के साहस, समर्पण और बलिदान का प्रतीक है। पुलिस स्मृति दिवस पर मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड पुलिस व्यवस्था को मजबूत बनाने और पुलिसकर्मियों के कल्याण के लिए आठ महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। इनमें उत्तराखंड पुलिस की विभिन्न इकाइयों में लगभग 1,600 रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया जल्द शुरू करना शामिल है। इसके साथ ही थानों और पुलिस चौकियों में कर्मचारियों की जरूरत के अनुसार पदों की संख्या तथा उपलब्ध व्यवस्थाओं की समीक्षा की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने विवेचकों को आधुनिक जांच किट उपलब्ध कराने की घोषणा भी की, जिससे पुलिस की जांच प्रक्रिया को बेहतर बनाने में सहायता मिल सके। थानों के आवश्यक कार्यों के लिए वार्षिक बजट को ₹4 करोड़ से बढ़ाकर ₹8 करोड़ करने की बात भी कही गई। इसके अतिरिक्त प्रदेश के सभी पुलिस मॉडर्न स्कूलों को बेहतर बनाने, देहरादून में पुलिसकर्मियों के लिए ट्रांजिट हॉस्टल और बहुमंजिला बैरक बनाने तथा देहरादून स्थित पुलिस अस्पताल का उच्चीकरण करने की घोषणा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिसकर्मियों की सुविधाओं में सुधार और पुलिस व्यवस्था का सुदृढ़ीकरण राज्य में कानून-व्यवस्था को प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण है।
