हरिद्वार: उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन हरिद्वार पहुंचकर 2027 में होने जा रहे अर्द्धकुंभ की तैयारियों को लेकर मेला क्षेत्र का भ्रमण किया। समय करीब आता जा रहा है इसलिए उत्तराखंड शासन और सरकार ने कमर कस ली है।
राज्य के मुख्य सचिव आनंद वर्धन ने मेला क्षेत्र का निरीक्षण किया। उन्होंने कोर एरिया का दौरा कर अधिकारियों से विस्तृत जानकारी ली। मुख्य सचिव ने साफ किया कि स्थायी और बड़े कामों की स्वीकृति पहले ही दी जा रही है, क्योंकि इनमें समय ज़्यादा लगता है।
सरकार बस अड्डे और जाह्नवी मार्केट की शिफ्टिंग जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स पर भी विचार कर रही है। साथ ही चंडी देवी क्षेत्र समेत कई तीर्थ और पर्यटन स्थलों पर विशेष काम प्राथमिकता से कराए जाएंगे।
मेला क्षेत्र में साधु-संतों, अखाड़ों की परंपराओं, शाही स्नान और पेशवाई की तैयारियाँ भी अखाड़ा परिषद की इच्छा और परंपरा के अनुरूप ही होंगी।
मुख्य सचिव ने कहा कि कुछ काम ऐसे हैं जिन्हें पूरा होने में आठ से दस महीने या एक साल लग सकता है। जबकि अस्थायी कामों को समय आने पर स्वीकृति दी जाएगी।
सरकार का उद्देश्य है कि आने वाले अर्द्धकुंभ 2027 को भव्य, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाया जाए ताकि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर अनुभव मिल सके। में होने वाले 2027 के कुंभ को दिव्य एवं भव्य रूप से
मुख्य सचिव आनंद वर्धन के हरिद्वार दौरे की मुख्य बातें
इस अवसर पर मुख्य सचिव ने एवं संबंधित अधिकारियों के साथ नजीबाबाद हाईवे पर गौरी पार्किंग स्थल में मल्टी मॉडल हब बनाये जाने हेतु कार्य का निरीक्षण किया। उन्होंने चण्डी देवी मन्दिर तक रोपवे का निर्माण हेतु स्थलीय निरीक्षण, दिव्य प्रेम मिशन आश्रम के समीप नीलधारा में कल्चरल हब के निर्माण की योजना कार्य का निरीक्षण एवं नमामिः गंगे घाट नीलधारा में लेजर शो हेतु स्थिल निर्माण की योजना के साथ विभिन्न कार्यों का निरीक्षण भी किया।
मुख्य सचिव ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा के दृष्टिगत जिन घाटों पर रेलिंग लगाई जानी है उन घाटों पर प्राथमिकता से रेलिंग का कार्य किया जाए। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि जो कार्य किए जाने हैं, उन कार्य को तत्परता एवं समयबद्धता के साथ पूर्ण किए जाएं।
निरीक्षण के दौरान मुख्य सचिव ने मेलाधिकारी, जिलाधिकारी एवं संबंधित कार्यदायी संस्थाओं के अधिकारियों को निर्देश दिए कि मुख्यमंत्री की प्राथमिकता है कि आगामी 2027 का कुंभ दिव्य एवं भव्य रूप से आयोजित किया जाए। इसमें जिस स्तर से जो भी स्थायी एवं अस्थायी निर्माण कार्य एवं घाटों का विस्तारीकरण आदि कार्य किए जाने हैं, उन कार्यों को दिसंबर 2026 तक पूर्ण कर लिए जाए।
