उत्तराखंड के चारधामों में मौसम का मिजाज बदला गया है। बदरीनाथ, केदारनाथ धाम में बर्फबारी हुई है। इसके साथ ही हेमकुंड साहिब में भी बर्फ गिरी है।
केदारनाथ धाम में हुई बर्फबारी के बाद ठंड काफी बढ़ गई है। जिस वजह से धाम में पहुंचने वाले तीर्थ यात्रियों की मुश्किल भी बढ़ रही है। क्योंकि सर्दी बढ़ने की वजह से सेहत को नुकसान हो सकता है।
आपको बता दें केदारनाथ धाम के कपाट 23 अक्टूबर को भैजा दूज के दिन बंद हो जाएंगे। केदारनाथ धाम के कपाट 23 अक्टूबर को सुबह 8 बजकर 30 मिनट पर बंद हो जाएंगे और फिर उसी दिन से केदारनाथ बाबा ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ से दर्शन देंगे। कपाट बंद होने के साथ ही अगले 6 महीने के लिए केदारनाथ धाम की यात्रा बंद रहेगी।
उधर बदरीनाथ धाम में हल्की बर्फबारी के साथ ही सर्दी बढ़ गई है। धाम में पहुंचने वाले श्रद्धालुओं ठंड बढ़ने से थोड़ा परेशानी जरूर महसूस कर रहे हैं। क्योंकि यहां पहले से ही काफी ठंड थी और अब बर्फबारी ने ठंड में और इजाफा कर दिया दिया है। बदरीनाथ धाम के कपाट 25 नवंबर दिन मंगलवार को दोपहर 2 बजकर 56 मिनट पर बंद हो जाएंगे। कपाट बंद होने से पहले पंच पूजाएं 21 नवंबर से शुरू हो जाएंगे और 26 नंबर से नृसिंह मंदिर ज्योतिर्मठ दर्शन देंगे।
उधर गंगोत्री और यमुनोत्री धाम में भी इन दिनों काफी ठंड पड़ रही है। गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट भी इसी महीने बंद होने जा रहे हैं।
गंगोत्री धाम के कपाट कब बंद होंगे?
गंगोत्री धाम के कपाट गोवर्धन पूजा या अन्नकूट वाले दिन बंद हो जाएंगे और यह शुभ तिथि 22 अक्टूबर दिन बुधवार को होंगी। गंगोत्री धाम के कपाट 22 अक्टूबर को सुबह 11 बजकर 36 मिनट पर शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगॉ। इसके बाद मां गंगा मुखबा गांव में दर्शन देंगी।
यमुनोत्री धाम के कपाट कब बंद होंगे?
यमुनोत्री धाम के कपाट भैया दूज के शुभ पर्व पर यानी 23 अक्टूबर दिन गुरुवार को दोपहर 12 बजकर 30 मिनट पर बंद हो जाएंगे। इसके बाद अगले 6 महीनों के लिए मां यमुना के दर्शन शीतकालीन प्रवास खरसाली गांव में होंगे।
