“Uttarakhand Governor Lt. Gen. Gurmit Singh inaugurating the 9th Valley of Words Literature Festival in Dehradun”
देहरादून में वैली ऑफ़ वर्ड्स (Valley of Words) इंटरनेशनल लिटरेचर एंड आर्ट्स फेस्टिवल के 9वें संस्करण का शानदार आगाज हुआ। उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) ने समारोह का उद्घाटन किया। राज्यपाल ने अपने संबोधन में कहा कि यह उत्सव केवल साहित्य का नहीं, बल्कि विचारों, कल्पनाओं और संवाद का महाकुंभ है। उन्होंने कहा कि भारत और विश्व के लेखक, कलाकार तथा विचारक यहां एक साथ आकर नए दृष्टिकोण प्रस्तुत करते हैं, जिससे समाज को नई दिशा और नई प्रेरणा मिलती है।

साहित्य और कला का संगम
राज्यपाल ने कहा कि उत्तराखंड की आत्मा उसकी संस्कृति, भाषा और पहाड़ों की कहानियों में बसती है। “वैली ऑफ़ वर्ड्स” जैसे आयोजन इस रचनात्मकता को वैश्विक स्तर पर पहुँचाने का माध्यम बनते हैं। यह मंच न केवल स्थानीय कला और संस्कृति को बढ़ावा देता है, बल्कि दुनिया के ज्ञान और सृजन को भी घर-घर तक पहुँचाता है।
“साहित्य सभ्यता का दिशासूचक है — यह हमें बताता है कि हम कौन हैं, और यह भी कि हमें क्या बनना चाहिए।”
— राज्यपाल ले.ज. गुरमीत सिंह (रि)
देवभूमि की रचनात्मक ऊर्जा
वैली ऑफ़ वर्ड्स महोत्सव देवभूमि उत्तराखंड की उस रचनात्मक आत्मा का प्रतीक है, जो पहाड़ों, लोककथाओं, लोकभाषाओं और संगीत से प्रेरणा लेती है। यह आयोजन साबित करता है कि देहरादून केवल शिक्षा की नगरी ही नहीं, बल्कि साहित्य और कला की भी धरती है।
वैश्विक मंच पर उत्तराखंड की पहचान
इस फेस्टिवल में भारत और दुनिया के जाने-माने लेखक, कवि, कलाकार, इतिहासकार और विचारक शामिल होते हैं। यह आयोजन उत्तराखंड को एक सांस्कृतिक केंद्र (Cultural Hub) के रूप में विश्व मानचित्र पर स्थापित कर रहा है।
