उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से.नि.) अपने पैतृक गांव जलाल उस्मान, (अमृतसर) पहुंचे। राज्यपाल ने कहा कि गांव की पावन धरती पर कदम रखते ही भावनाओं का सैलाब उमड़ पड़ा… बचपन की अनगिनत यादें मानो फिर से जीवंत हो उठीं…
राज्यपाल ने भावुक होकर कहा कि यही वह मिट्टी है जिसने उन्हें संस्कार दिए, संघर्ष करना सिखाया और जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा दी है।
गांव के लोगों से मिला अपार स्नेह, अपनापन और आत्मीयता उनके लिए सबसे बड़ी पूंजी बनकर सामने आया…राज्यपाल ने कहा कि इस पावन मिट्टी का आशीर्वाद और लोगों का प्यार ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है, जो उन्हें हमेशा सही दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है…
इस दौरान राज्यपाल ने गुरुद्वारा बाबा श्री चंद जी और गुरुद्वारा श्री नानक साहिब में माथा टेककर देश और प्रदेश की सुख-समृद्धि के लिए अरदास की…इसके साथ ही राज्यपाल ने श्री हरमंदिर साहिब अमृतसर में मत्था टेका।
इसके साथ ही राज्यपाल गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल पहुंचे जहां उन्होंने जलाल उस्मान के बच्चों से मुलाकात की। राज्यपाल ने कहा कि बच्चों से मिलकर मन एक अलग ही अपनत्व और स्नेह से भर गया। उनकी जिज्ञासु आँखें, मासूम मुस्कान और कुछ कर दिखाने की चमक ने दिल को गहराई से छू लिया। ऐसा लगा मानो हर बच्चा अपने भीतर एक पूरा भविष्य संजोए बैठा है।
राज्यपाल ने इस दौरान मेधावी बच्चों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया और विद्यालय में कंप्यूटर और पुस्तकें भेंट की। बच्चों से बात करते हुए ये महसूस हुआ कि सही मार्गदर्शन, अच्छे संस्कार और थोड़े से विश्वास के साथ ये नन्हे कदम बहुत बड़े मुकाम तक पहुँच सकते हैं।
अमृतसर दौरे के दौरान राज्यपाल ने शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी से मुलाकात की। इस अवसर पर सिख पंथ के मूल सिद्धांतों के प्रसार, संस्थाओं की मजबूती तथा समाज में सेवा, विनम्रता और एकता के संदेश को और व्यापक बनाने को लेकर सार्थक एवं गहन विचार-विमर्श हुआ। इस दौरान राज्यपाल ने उन्हें हेमकुंड साहिब यात्रा पर आने का न्योता दिया।
