देहरादून: उत्तराखंड में सेब का उत्पादन करने वाले किसानों के लिए अच्छी खबर है। उत्तराखंड में उत्पादन किया जा रहा सेब अब दुबई भेजा जा रहा है। देहरादून से गुरुवार को 1.2 मीट्रिक टन गढ़वाली ‘किंग रोट’ सेब की पहली परीक्षण खेप दुबई के लिए रवाना की गई। यह पहल राज्य के किसानों की आय बढ़ाने और बागवानी उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने इसे लेकर सोशल मीडिया एकाउंट एक्स पर पोस्ट भी किया है, जिसमें उन्होंने लिखा है कि दुबई में सेब की मांग बढ़ने पर इससे उत्तराखंड के किसानों को लाभ मिलेगा।
उधर गढ़वाल से सांसद अनिल बलूनी ने इसे लेकर खुशी जाहिर की है। बलूनी ने कहा कि मेरे लोकसभा क्षेत्र गढ़वाल के किसानों द्वारा उत्पादित सेब का UAE के लिए एक्सपोर्ट होना गढ़वाल सहित पूरे उत्तराखंड के लिए गर्व का पल है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हमारी सरकार किसान के उत्पादों को सही मूल्य उपलब्ध कराने के साथ–साथ विश्व के बाजारों के दरवाजे भी खोल रही है जिससे उनके आय में निरंतर वृद्धि हो रही है। इस उपलब्धि के लिए मैं गढ़वाल के किसानों को हार्दिक बधाई देता हूं और माननीय केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल जी के प्रति आभार प्रकट करता हूं।
उधर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी इसे लेकर खुशी जाहिर की है। मुख्यमंत्री धामी ने इसके लिए केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल का आभार जताया। मुख्यमंत्री ने इसके साथ ही पीएम मोदी का भी आभार जाताया है। सीएम धामी ने कहा कि ‘सशक्त किसान-समृद्ध राष्ट्र’ के मंत्र को साकार करते हुए हमारे किसान अपने अथक परिश्रम से ऐपल और कीवी मिशन को सफलता की ओर ले जा रहे हैं। निश्चित रूप से भविष्य में उत्तराखंड के सेबों की मांग बढ़ेगी जिसका सकारात्मक प्रभाव अन्नदाताओं की आय पर पड़ेगा।
दुबई जाकर परखा जाएगा उत्तराखंड की सेब का स्वाद
अधिकारियों के मुताबिक, इस खेप के जरिए दुबई के बाजार में उत्तराखंड के सेब की गुणवत्ता और स्वाद को परखा जाएगा। अगर यह प्रयास सफल रहा, तो आने वाले समय में बड़ी मात्रा में सेब और अन्य बागवानी उत्पादों का निर्यात संभव होगा। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से न केवल किसानों की आमदनी में बढ़ोतरी होगी, बल्कि उत्तराखंड के कृषि उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय ब्रांड वैल्यू भी मिलेगी।
भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अंतर्गत कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) द्वारा सुगमतापूर्वक किया गया यह अग्रणी शिपमेंट, उत्तराखंड के किसानों को सीधे अंतर्राष्ट्रीय बाजारों से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
