Uttarakhand Chief Minister Pushkar Singh Dhami inaugurates Sansad Khel Mahotsav at Rajiv Gandhi Navodaya Vidyalaya, Tapovan Dehradun.
देहरादून: राजीव गांधी नवोदय विद्यालय, तपोवन में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (pushkar dhami) ने “सांसद खेल महोत्सव” का औपचारिक शुभारंभ किया। यह पहल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की प्रेरणा से देशव्यापी अभियान का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण स्तर से खेल प्रतिभाओं को राष्ट्रीय मंच तक पहुंचाना है।

सांसद खेल महोत्सव का मकसद — फिट इंडिया से स्ट्रॉन्ग इंडिया तक
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह महोत्सव सिर्फ प्रतियोगिता नहीं, बल्कि ‘फिट इंडिया — स्पोर्ट्स इंडिया — स्ट्रॉन्ग इंडिया’ के संदेश को हर गाँव तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम है। उत्तराखण्ड में यह कार्यक्रम तीन चरणों में आयोजित किया जा रहा है ताकि स्थानीय, पारंपरिक और लोक-खेलों को भी बढ़ावा मिल सके।
सांसद खेल महोत्सव की उपलब्धियां और लक्ष्य
सीएम धामी (cm pushkar singh dhami) ने कहा कि हाल ही में आयोजित 38वें राष्ट्रीय खेलों में उत्तराखण्ड के खिलाड़ियों ने 103 पदक जीतकर प्रदेश का गौरव बढ़ाया। इसके साथ ही राज्य खेलों के क्षेत्र में तेजी से विकसित हो रहा है और अब स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर पर खास ध्यान दिया जा रहा है।

स्पोर्ट्स लेगेसी प्लान के तहत स्थापित होंगे 23 खेल एकेडमी
राज्य सरकार के स्पोर्ट्स लेगेसी प्लान के अंतर्गत आठ प्रमुख शहरों में 23 खेल अकादमियों की स्थापना की जाएगी। इन अकादमियों में वार्षिक रूप से लगभग 920 विश्वस्तरीय एथलीट और 1000 अन्य खिलाड़ी उच्चस्तरीय प्रशिक्षण प्राप्त कर सकेंगे।
उत्तराखंड में खेल संस्थाएं और नीतियां
- हल्द्वानी में उत्तराखण्ड का पहला खेल विश्वविद्यालय स्थापित करने की रूपरेखा पर काम चल रहा है।
- लोहाघाट में महिला स्पोर्ट्स कॉलेज की स्थापना की दिशा में भी तेजी है।
- राज्य ने नई खेल नीति लागू की है— राष्ट्रीय/अंतरराष्ट्रीय पदक विजेताओं को ‘आउट-ऑफ-टर्न’ सरकारी नौकरी देने का प्रावधान शामिल है।

उत्तराखंंड में खिलाड़ियों के लिए प्रोत्साहन योजनाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि युवा खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने हेतु कई योजनाएँ चल रही हैं, जिनमें प्रमुख हैं:
- मुख्यमंत्री खेल विकास निधि
- मुख्यमंत्री खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना
- मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी योजना
- खेल किट योजना
साथ ही खिलाड़ियों को सम्मानित करने के लिए उत्तराखण्ड खेल रत्न और हिमालय खेल रत्न पुरस्कार भी दिए जा रहे हैं। राजकीय सेवाओं में 4% खेल कोटा को पुनः लागू किया गया है।
सांसद नरेश बंसल की घोषणा
कार्यक्रम में उपस्थित राज्यसभा सांसद नरेश बंसल ने बताया कि वे विद्यालय के लिए वॉलीबॉल व बैडमिंटन कोर्ट तथा मेस-फर्नीचर के लिए अपनी सांसद निधि से आर्थिक सहायता प्रदान करेंगे। सांसद ने कहा कि यह कदम “विकसित भारत 2047” के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में है।
इस आयोजन ने स्पष्ट कर दिया कि उत्तराखण्ड अब सिर्फ प्राकृतिक सुंदरता का राज्य नहीं, बल्कि खेलों के क्षेत्र में भी सतत प्रगति की दिशा में अग्रसर है। मैदानों पर बच्चों का उत्साह, पारंपरिक खेलों की वापसी और सरकारी-नीतियों की मजबूत पहल ये सब मिलकर प्रदेश को भविष्य में एक सशक्त स्पोर्ट्स-स्टेट में बदलने का संकेत देते हैं।
