देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में ‘‘सतर्कता-हमारी साझा जिम्मेदारी’’ थीम पर आधारित जन जागरूकता कार्यक्रम का शुभारंभ किया। यह जन जागरूकता कार्यक्रम प्रदेश भर में राज्य स्थापना दिवस 9 नवम्बर 2025 तक चलाया जाएगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सत्यनिष्ठा की प्रतिज्ञा भी दिलाई। सीएम धामी ने कहा कि पारदर्शी शासन व्यवस्था ही सुशासन की पहचान है।

सीएम धामी ने सरदार वल्लभभाई पटेल को किया याद
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” की भावना को साकार करने वाले लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल जी का स्मरण करते हुए कहा कि सरदार पटेल ने अपने जीवन का प्रत्येक क्षण भारत की एकता, अखंडता और सशक्त राष्ट्र के निर्माण के लिए समर्पित कर दिया। उनके जन्मदिवस के उपलक्ष्य में यह जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भ्रष्टाचार मुक्त भारत का केवल संकल्प ही नहीं लिया, बल्कि उसे धरातल पर उतारने का कार्य भी किया है। उनके नेतृत्व में देश में नई कार्य संस्कृति विकसित हुई है। शासन-प्रशासन को पारदर्शी और उत्तरदायी बनाने के लिए जन-केंद्रित बनाया गया है।
शिकायत समाधान के लिए टोल फ्री नंबर
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य में टोल फ्री नंबर 1064 के माध्यम से भ्रष्टाचार संबंधी शिकायतें दर्ज कराई जा सकती हैं। बीते तीन वर्षों में करीब 10,000 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से कई पर कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा, “जो भी भ्रष्टाचार करेगा, वह सलाखों के पीछे जाएगा।
उत्तराखंड में जीरो टॉलरेंस की नीति
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में जीरो टॉलरेंस नीति पर कार्य कर रही है। राज्य गठन के बाद से सतर्कता विभाग ने 339 भ्रष्ट अधिकारियों और कर्मचारियों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। पिछले तीन वर्षों में 78 भ्रष्टाचारियों के साथ ही अन्य मामलों में 27 लोगों को जेल भेजा गया है।
