2027 की विधानसभा चुनाव जैसे-जैसे नज़दीक आ रहे हैं, उत्तराखंड की सियासत भी गर्म होती जा रही है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत एक बार फिर पूरी तरह एक्टिव मोड में नजर आ रहे हैं। चुनाव में अब सालभर से भी कम समय बचा है, ऐसे में हरीश रावत जनता के बीच जाकर माहौल को भांपने और संगठन को मजबूत करने में जुट गए हैं।
इसी क्रम में हरीश रावत हरिद्वार ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के सुल्तानपुर पहुंचे, जहां उन्होंने ईद मिलन कार्यक्रम में शिरकत की। भले ही यह कार्यक्रम सामाजिक और धार्मिक मेल-मिलाप का था, लेकिन राजनीति के अनुभवी खिलाड़ी हरीश रावत ने इस मौके को जनसंपर्क के बड़े मंच में बदल दिया। उन्होंने स्थानीय लोगों, कार्यकर्ताओं और समर्थकों से मुलाकात की, हालचाल जाना और जमीनी मुद्दों पर बातचीत की।

हरीश रावत ने इस दौरान सभी को ईद की मुबारकबाद दी और सामाजिक सौहार्द का संदेश दिया। उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर भी पोस्ट करते हुए लिखा— “भारत भाईचारा जिंदाबाद”। उनके इस संदेश को साफ तौर पर कांग्रेस की उस रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है, जिसमें पार्टी खुद को सर्वधर्म समभाव और सामाजिक एकता के पक्षधर के रूप में पेश करना चाहती है।

राजनीतिक जानकार मानते हैं कि हरीश रावत का हरिद्वार ग्रामीण क्षेत्र पर खास फोकस यूं ही नहीं है। यह सीट राजनीतिक रूप से काफी अहम मानी जाती है और यहां का समीकरण चुनाव में बड़ा असर डाल सकता है। ऐसे में रावत का लगातार इस क्षेत्र में सक्रिय रहना कांग्रेस की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
कुल मिलाकर, हरीश रावत ने ईद मिलन जैसे कार्यक्रम के जरिए एक साथ कई संदेश देने की कोशिश की। एक तरफ सामाजिक सौहार्द और भाईचारे का संदेश, तो दूसरी तरफ चुनावी जमीन को मजबूत करने की कवायद। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि उनकी यह सक्रियता कांग्रेस को कितना राजनीतिक फायदा दिला पाती है।
