खटीमा: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड सरकार जनजातीय समाज के समग्र विकास के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और आधारभूत सुविधाओं के क्षेत्र में लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि थारू समाज से उनका संबंध वर्षों पुराना है और यह संवाद कार्यक्रम सरकार एवं समाज के बीच विश्वास और विकास की साझेदारी को मजबूत करने का माध्यम है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में धर्मांतरण की रोकथाम के लिए सख्त धर्मांतरण विरोधी कानून लागू किया गया है और ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र और राज्य सरकार संयुक्त रूप से नशे के खिलाफ व्यापक अभियान चला रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पहली बार जनजातीय समाज के सशक्तिकरण के लिए व्यापक स्तर पर कार्य हुए हैं। उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का उल्लेख करते हुए कहा कि उनका सर्वोच्च संवैधानिक पद तक पहुंचना जनजातीय समाज के सम्मान और सशक्तिकरण का प्रतीक है।
उन्होंने बताया कि अटल आवास योजना में आय सीमा को व्यावहारिक बनाया गया है और मकान निर्माण की लागत भी बढ़ाई गई है, जिससे अधिक परिवारों को लाभ मिल सके। ऊधम सिंह नगर में इस योजना के तहत लगभग तीन करोड़ रुपये की सहायता प्रदान की गई है। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) से भी बड़ी संख्या में जनजातीय परिवार लाभान्वित हुए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना के तहत जिले में पहले चरण में 824 और दूसरे चरण में 101 आवासों का निर्माण किया गया है।
शिक्षा के क्षेत्र में सरकार द्वारा जनजाति कल्याण विभाग के माध्यम से आश्रम पद्धति विद्यालयों, छात्रावासों और आईटीआई संस्थानों के विकास के लिए करोड़ों रुपये की धनराशि उपलब्ध कराई गई है। आश्रम पद्धति विद्यालयों को कक्षा 12 तक अपग्रेड किया जा रहा है तथा एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों के माध्यम से भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि खटीमा में बालिका छात्रावास के लिए चार करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं, जबकि बाजपुर में 16 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से विद्यालय एवं छात्रावास का निर्माण किया जा रहा है। गदरपुर में 100 बेड का बालक छात्रावास भी बनाया जा रहा है। थारू राजकीय इंटर कॉलेज में खेल मैदान के सौंदर्यीकरण, ऑडिटोरियम के आधुनिकीकरण और भवन मरम्मत के कार्य भी चल रहे हैं।
उन्होंने कहा कि जनजातीय समाज की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए एक करोड़ रुपये से अधिक की चक्रीय निधि तथा आठ करोड़ रुपये से अधिक की निवेश सहायता उपलब्ध कराई गई है। मुख्यमंत्री सीमांत क्षेत्र विकास कार्यक्रम के तहत वर्ष 2020 से 2025 तक 10 करोड़ रुपये से अधिक की योजनाएं पूरी की गई हैं तथा सितारगंज में थारू विकास भवन का निर्माण भी कराया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि समाज कल्याण विभाग के माध्यम से जनजातीय क्षेत्रों में अवस्थापना सुविधाओं के लिए दो करोड़ रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत की गई है। जनजातीय परिवारों को बेटी की शादी के लिए 50 हजार रुपये तक की आर्थिक सहायता दी जा रही है। साथ ही ऊधम सिंह नगर, देहरादून, पिथौरागढ़ और चमोली में अलग-अलग जनजाति कल्याण अधिकारियों की नियुक्ति भी की गई है।
