मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम ने विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान (SIR) के तहत चल रहे नोटिस एवं सुनवाई चरण की समीक्षा करते हुए सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि अगले तीन सप्ताह तक उनकी प्राथमिकता नोटिसों की सुनवाई की प्रक्रिया होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि जिलाधिकारी, अपर जिलाधिकारी और उप जिलाधिकारी कार्यालयों में केवल राजनीतिक दलों के साथ बैठक के दौरान ही बैठें। अन्य समय में फील्ड विजिट का रोस्टर बनाकर जनता के बीच रहकर अभियान की निगरानी करें।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि यदि कोई मतदाता किसी कारणवश पहली सुनवाई में उपस्थित नहीं हो पाता है, तो उसे पर्याप्त समय देते हुए दूसरी सुनवाई का अवसर उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि पूरी प्रक्रिया के दौरान यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी मतदाता को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि सप्ताह में दो बार राजनीतिक दलों के साथ बैठक कर उनका फीडबैक लिया जाए। मान्यता प्राप्त दलों के साथ-साथ अन्य राजनीतिक दलों के सुझावों को भी गंभीरता से शामिल किया जाए।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सीईओ कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों को भी जिलेवार फील्ड विजिट कर अभियान की प्रगति का फीडबैक लेने के निर्देश दिए।
बैठक के दौरान अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे ने निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों (ERO) को सहायक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों (AERO) और बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) के साथ निरंतर समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन मतदान केंद्रों पर 100 से अधिक नोटिस जारी हुए हैं, वहां विशेष निगरानी और प्राथमिकता के साथ कार्य किया जाए।
