23 अप्रैल को खुलेंगे बदरीनाथ धाम के कपाट
Badrinath Kapat 2026: विश्व प्रसिद्ध भगवान श्री बदरीनाथ धाम के कपाट आगामी 23 अप्रैल को सुबह 6:15 बजे श्रद्धालुओं के लिए विधिवत रूप से खोल दिए जाएंगे। इसके साथ ही चारधाम यात्रा का एक महत्वपूर्ण चरण शुरू हो जाएगा। कपाट खुलने से पूर्व परंपरानुसार गाडू घड़ा (घड़ी कलश) यात्रा आगामी 7 अप्रैल को निकाली जाएगी। यह यात्रा धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार विभिन्न पड़ावों से होते हुए बदरीनाथ धाम पहुंचेगी, जिसके बाद मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना और अनुष्ठान संपन्न किए जाएंगे।
बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने के साथ ही देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। प्रशासन द्वारा यात्रा को सुचारू और सुरक्षित बनाने के लिए आवश्यक तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। चारधाम यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है और होटल, परिवहन तथा अन्य व्यवस्थाओं को भी अंतिम रूप दिया जा रहा है।
बदरीनाथ धाम की मान्यता
बदरीनाथ धाम हिंदू धर्म के चारधामों में प्रमुख स्थान रखता है और इसे भगवान विष्णु के अवतार बदरी विशाल को समर्पित माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार भगवान विष्णु ने यहां तपस्या कर मानव कल्याण का मार्ग प्रशस्त किया था। कहा जाता है कि माता लक्ष्मी ने बदरी वृक्ष का रूप धारण कर भगवान की तपस्या के दौरान उनकी रक्षा की थी, इसी कारण इस स्थान का नाम बदरीनाथ पड़ा।
पुराणों के अनुसार यह धाम मुक्ति और मोक्ष प्रदान करने वाला स्थल माना जाता है। मान्यता है कि जो श्रद्धालु सच्चे मन से बदरीनाथ के दर्शन करता है, उसके समस्त पाप नष्ट होते हैं और जीवन में सुख-शांति प्राप्त होती है। आदि गुरु शंकराचार्य ने इस धाम का पुनः जीर्णोद्धार कर इसे एक प्रमुख तीर्थ स्थल के रूप में स्थापित किया था।
बदरीनाथ धाम हिमालय की गोद में स्थित होने के कारण आध्यात्मिक ऊर्जा का केंद्र माना जाता है और हर वर्ष लाखों श्रद्धालु यहां आकर भगवान बदरी विशाल के दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित करते हैं।
