चमोली: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गोपेश्वर स्थित पुलिस मैदान में ‘सेवा, सुशासन एवं समर्पण’ सेवा पखवाड़े के तहत आयोजित ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि यह अभियान केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि शासन और जनता के बीच की दूरी समाप्त करने का प्रभावी माध्यम है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य लोगों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगवाना नहीं, बल्कि प्रशासन को स्वयं जनता के द्वार तक पहुंचाकर उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान करना है।
पहले चरण में 6 लाख से अधिक लोगों ने लिया हिस्सा
मुख्यमंत्री ने बताया कि अभियान के प्रथम चरण में पूरे प्रदेश में 6 लाख से अधिक लोगों ने भागीदारी की। इस दौरान 60 हजार से अधिक शिकायतों का मौके पर ही समाधान किया गया। उन्होंने कहा कि सेवा, सुशासन एवं समर्पण के पांच वर्ष पूरे होने के अवसर पर सरकार जनता के बीच पहुंचकर अपनी जवाबदेही निभा रही है।
चमोली में 13 जनकल्याण शिविर, 683 शिकायतों का निस्तारण
मुख्यमंत्री ने बताया कि सेवा पखवाड़े के तहत चमोली जिले में अब तक 13 जनकल्याण शिविर आयोजित किए जा चुके हैं। इन शिविरों में हजारों लोगों ने भाग लिया। कुल 752 शिकायतें दर्ज हुईं, जिनमें से 683 का मौके पर ही निस्तारण किया गया। साथ ही 2500 से अधिक लोगों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ दिया गया।
सीमांत क्षेत्रों के विकास पर सरकार का फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सीमांत गांवों को ‘प्रथम गांव’ के रूप में विकसित करने के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए राज्य सरकार सीमांत क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में पहली बार जी-20 बैठकों का सफल आयोजन हुआ, राष्ट्रीय खेलों की मेजबानी की गई और शीतकालीन यात्रा की शुरुआत हुई। राज्य में 3.75 लाख करोड़ रुपये के निवेश समझौते हुए हैं, जिनमें 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश पर कार्य शुरू हो चुका है।
यूसीसी और भ्रष्टाचार पर सरकार का रुख
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड ने देश में सबसे पहले समान नागरिक संहिता (UCC) लागू कर ऐतिहासिक पहल की है। इसके अलावा धर्मांतरण विरोधी कानून, नकल विरोधी कानून और भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत सख्त कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि योग्यता और पारदर्शिता के आधार पर अब तक 34 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां दी जा चुकी हैं।
चमोली में तेजी से बढ़ रहा विकास
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले पांच वर्षों में चमोली जिले में हजारों करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया गया है। बदरीनाथ धाम, माणा और नीति सहित सीमांत क्षेत्रों में मास्टर प्लान के तहत तेजी से विकास कार्य चल रहे हैं। उन्होंने बताया कि ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना तेजी से आगे बढ़ रही है, जिससे पर्यटन, व्यापार और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
हेली एम्बुलेंस और महिलाओं को मिला लाभ
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2024 से अब तक हेली एम्बुलेंस सेवा के जरिए चमोली के 76 गंभीर मरीजों को समय पर उच्च चिकित्सा संस्थानों तक पहुंचाकर उनका जीवन बचाया गया। उन्होंने बताया कि जिले की 42 हजार से अधिक महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ा गया है, जबकि 25 हजार से अधिक महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं। इसके अलावा किसान सम्मान निधि के तहत 48 हजार से अधिक किसानों को 196 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता दी गई है। वहीं दीनदयाल होमस्टे योजना के अंतर्गत जिले में 872 नए होमस्टे स्थापित किए गए हैं, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा हुए हैं।
