भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) का 64वें स्थापना दिवस पर उत्तराखंड के राज्यपाल ले.ज. गुरमीत सिंह (रि) ने बधाई दी है। राज्यपाल ने हिमवीरों’ की कठिन पहाड़ी और कठोर जलवायु में देश की रक्षा के लिए अदम्य साहस और समर्पण की सराहना की।
राज्यपाल ले.ज. गुरमीत सिंह (रि) ने कहा कि हमारे हिमालय की बर्फ से ढकी सीमाओं से लेकर देश के सबसे चुनौतीपूर्ण इलाकों तक, आईटीबीपी साहस, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा का प्रतीक है। हमारी सीमाओं की सुरक्षा में ITBP निस्वार्थ सेवा और प्राकृतिक आपदाओं के दौरान भाईचारे की सच्ची भावना को दर्शाती है। राज्यपाल ने कहा कि हम आपकी वीरता को सलाम करते हैं और कर्तव्य पथ पर अपने प्राणों की आहुति देने वालों के सर्वोच्च बलिदान का सम्मान करते हैं।
राज्यपाल ले.ज. गुरमीत सिंह (रि) ने कहा कि आईटीबीपी राष्ट्र सेवा में गौरव की नई ऊँचाइयों को छूती रहे यही कामना है।
हर साल 24 अक्टूबर को आईटीबीपी (Indo-Tibetan Border Police) का स्थापना दिवस मनाया जाता है। चीन के साथ 1962 के युद्ध के बाद भारत की तिब्बत सीमा की सुरक्षा को मज़बूत करने के लिए इसकी स्थापना की गई थी।
ITBP के बारे में जानिए
*आईटीबीपी को “हिमालय के प्रहरी” कहा जाता है।
*यह बल भारत-चीन सीमा पर लगभग 3,488 किलोमीटर के इलाके की निगरानी करता है
*इसके जवान हिमालय की ऊँचाइयों (9,000 से 18,700 फीट) तक तैनात रहते हैं
*आईटीबीपी अपनी उत्कृष्ट पर्वतारोहण, स्कीइंग और आपदा प्रबंधन क्षमताओं के लिए जानी जाती है
