चमोली: कुदरत ने एक बार फिर से उत्तराखंड में कहर बरपाया है। चमोली जिले में बादल फटा है। चमोली ज़िले के नंदानगर विकासखंड में 5 जगह पर बहुत ज्यादा बारिश हुई है। जिस वजह से 10 लोगों के लापता होने की सूचनी है।
चमोली ज़िले की घाट तहसील के नंदानगर क्षेत्र में अतिवृष्टि के कारण भारी तबाही हुई है। क्षेत्र के दो गांवों कुंतरी लगा फाली और धुरमा से कुल 10 लोग लापता है। चमोली जिले के डीएम संदीप तिवारी का कहना है कि लोकल रेस्क्यू टीमें मौके पर पहुंच चुकी है। बाकी टीमें भी जल्द से जल्द मौके पर पहुंचने की कोशिश कर रही हैं। डीएम का कहना है कि भारी बारिश और भूस्खलन के कारण कई जगह पर रोड टूट गए हैं, जिस वजह से दूसरे स्थानों से टीमों को घटनास्थलों पर जाने में परेशानी हो रही है। जैसे ही रोड खुलत हैं तो बाकी टीमें भी घटनास्थल पर पहुंच जाएंगी।
DM संदीप तिवारी ने बताया कि राहत और बचाव कार्य जारी है। SDRF और NDRF की टीमें मौके पर पहुंच चुकी हैं। मेडिकल टीमें और एंबुलेंस भी रवाना कर दी गई हैं। धुर्मा गांव में भी मकानों को नुकसान पहुंचा है, लेकिन जनहानि नहीं हुई है।
चमोली जिले में बादल फटने (Chamoli Cloudburst) की घटना के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (Pushkar Singh Dhami) शासकीय आवास पर बैठक के दौरान चमोली जनपद के नंदानगर घाट क्षेत्र में अतिवृष्टि से हुए नुकसान और आपदा राहत कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों एवं जिलाधिकारी से दूरभाष पर बात कर आवश्यक दिशा निर्देश दिए। अधिकारियों को प्रभावितों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने, आपदा राहत कार्यों में तेजी लाने, घायलों को समुचित उपचार उपलब्ध कराने और प्रभावितों को राहत सामग्री उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। आपदा प्रबंधन विभाग को अतिशीघ्र प्रभावित क्षेत्र के स्थलीय निरीक्षण के निर्देश दिए हैं।
नंदानगर विकासखंड में बुधवारत रात फटा बादल
चमोली ज़िले के नंदानगर विकासखंड में बुधवार रात बादल फटने से भारी तबाही मच गई। रात करीब एक बजे फाली लगा कुंतरी, सैंती लगा कुंतरी, धुर्मा और सेरा गांवों में भारी बारिश और बिजली गिरने के बाद मकान मलबे में दब गए। सैंती कुंतरी में दो लोग मलबे में दबे हैं, जबकि फाली लगा कुंतरी से पांच लोग लापता हैं। धुर्मा गांव से भी एक व्यक्ति के लापता होने की सूचना है।
बताया जा रहा है कि बारिश इतनी तेज़ थी कि लोग रात में अपने घरों से बाहर निकल भागे। प्रभावित क्षेत्रों में कई गौशालाएं और मवेशी भी बह गए हैं। गाड़ गदेरा उफान पर आ गया, जिससे सेरा गांव में कई मकान बह गए और नंदप्रयाग–नंदानगर मोटर पुल भी खतरे की जद में आ गया। पेट्रोल पंप और पुराना बाजार से जोड़ने वाला पुल भी बहने की सूचना है।
