देहरादून: ले.ज. गुरमीत सिंह (रि) ने उत्तराखंड के राज्यपाल के तौर पर चार साल पूरे कर लिए हैं। उत्तराखण्ड के राज्यपाल पद पर चार वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में राजभवन में तीन दिवसीय अखण्ड पाठ का आयोजन किया गया। अखंड पाठ के समापन के मौके पर राज्यपाल गुरमीत सिंह ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के समक्ष मत्था टेककर देश और प्रदेशवासियों की सुख, शांति, समृद्धि एवं सतत प्रगति के लिए अरदास की।
इस मौके पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी राजभवन पहुंचे। मुख्यमंत्री धामी ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के अखंड पाठ में सम्मिलित होकर अमृतमयी वाणी को सुना। मुख्यमंत्री ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के समक्ष मत्था टेककर समस्त प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की अरदास की। इसके साथ ही सीएम धामी ने राज्यपाल ले.ज. गुरमीत सिंह (रि) को उनके कार्यकाल के चार वर्ष पूरे करने पर हार्दिक बधाई दी।

चार साल का कार्यकाल पूरा होने पर राज्यपाल ले.ज. गुरमीत सिंह (रि) ने कहा कि इन चार वर्षों की सेवा यात्रा में देवभूमि के जनमानस का स्नेह और आशीर्वाद ही मेरी सबसे बड़ी प्रेरणा और शक्ति रहे हैं। मैं आप सभी के निरंतर सहयोग और विश्वास के लिए अपनी कृतज्ञता व्यक्त करते हुए प्रार्थना करता हूं कि देवभूमि उत्तराखण्ड निरंतर प्रगति और समृद्धि की ओर अग्रसर रहे।

राज्यपाल ले.ज. गुरमीत सिंह (रि) के कार्यकाल की बड़ी बातें
राज्यपाल ले.ज. गुरमीत सिंह (रि) ने अपना पदभार संभालते ही राज्य के विकास के लिए रिवर्स पलायन, महिला सशक्तिकरण एवं बालिका शिक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं तकनीकी, जैविक एवं प्राकृतिक कृषि और वेलनेस पर काफी काम किया। इन पांच मिशन के लिए निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए वे लगातार प्रयासरत रहे हैं।
इसके साथ ही उन्होंने उच्च शिक्षा में सुधार के लिए अनेक नई पहल की। इसमें वन यूनिवर्सिटी, वन रिसर्च के फॉर्मूले पर बल दिया गया। उनके निर्देशन में राजकीय विश्वविद्यालयों से सम्बद्ध महाविद्यालयों एवं संस्थानों की संबद्धता प्रक्रिया को सुगम एवं प्रभावी बनाने के दृष्टिगत उत्तराखण्ड कॉलेज एफिलिएशन पोर्टल तैयार किया गया है।
